Sunday, 19 January 2020

📚👉तफ़सीरे अशरफ़ी का पैग़ाम👈📚
               🌿पोस्ट नं-02🌿
🌺हुज़ूर शैख़ुल इस्लाम सैयद मोहम्मद मदनी अशरफ़ अशरफ़ी अल जीलानी🌺

               🌷सुरह फ़ातिहा🌷
   ♻️ज़िल्द नं.01➖पेज़ नं.65&66♻️
👉🏾इसका तीसरा नाम “उम्मुल क़ुर्आन” है, क्यूँकी सारे क़ुर्आन के मज़ामीन की बुनियाद इसमे लिखी गई है.!
➡️इसका चौथा नाम “सुरह कंज” है, क्यूँकी सारे क़ुर्आन की दौलत का खज़ाना यही है.!
👉🏾इसका पाँचवा नाम “सुरह काफ़िया” है, यानी नमाज़ में दुसरी सूरतों के बदले में इसका पढ़ना काफ़ी है, लेक़िन इसके बदले में किसी सुरह को नहीं पढ़ा जा सकता.!
➡️इसका छठ्ठा नाम “सुरह वाफ़िया” है, के जब ये सुरह नमाज़ में पढ़ी जाएगी तो पुरी पढ़ी जाएगी, सिर्फ़ दो तीन आयतों पर इकतिफ़ा ना किया जाएगा.!

          🔹ट्रान्सलेट & टाइपिंग🔹
➤ सलीम अशरफ़ी (सिरसी-कर्णाटका) मो. +919902071918
➤ रमीज़ अशरफ़ी (प्रांतिज-गुजरात) मो. +919033256991

     🔅🌹मोहद्दीषे आज़म मिशन🌹🔅

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